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पैसा 'पैसे को खीचता है ।

मित्रो कुछ समान गुणो वाली वस्तुए आपस मे एक दूशरी वस्तू को खीचती है ।जिनमे से एक वस्तू पैसा भी है ।  आपने यह मुहाबरा तो सुना ही होगा कि -पैसा 'पैसे को खीचता है । हकीकत मे भी यह बात बिलकुल सच है । आइए कुछ  उदाहरणो से समझे की पैसा पैसे को कैसे खीचता है ।
पहला उदाहरण _रेल्वे स्टेशन पर मैने एक भिखारी को देखा 'उसके हाथ मे तीन रूपये थे और वह लोगो से कह रहा था '  बाबुजी मुझे चाय पीना है  पर मेरे पास केवल यह तीन रूपये है आप मुझे दो रूपये दे दीजिए । तो लोग  उसे दो रूपये दे देते थे । पर वह भिखारी उन दो रूपये को अलग रख लेता था 'और फिर किसी नये आदमी के पास जाकर उसे तीन रूपये दिखाकर यही बात कहता जिससे उसे फिर दो रूपये मिल जाते थे ' और किसी -किसी आदमी के पास छुटटा ना होने पर वह लोग  उसे पॉच रूपये भी देते थे । इस तरह वह भिखारी पैसे 'से पैसे को खीच रहा था ।
दूशरा उदाहरण _ जुआ 'सटटा ' लॉटरी आदी जैसे अवेध कामो मे भी पैसे को दाव पर लगाकर पैसा खीचा जाता है । जिस तरफ  आकृशण बल  अधिक होता है  पैसा उस तरफ खिच जाता है ।
तीशरा उदाहरण _ एक मदारी बाजार मे तमाशा दिखा रहा था । उसने…

दुनियाँ के सबसे अमीर 3 आदमी ।

दुनियॉ के सबसे अमीर लोगो से ज्यादा कौन जानता है कि धन कैसे कमाया जाता है और दोलत कैसे जोडी जाती है ।मित्रो अगर आप दुनियॉ  के अमीर लोगो की लिस्ट देखे तो आप पाएगे की उसमे सबसे जादा व्यक्ति उधोगपति मिलेगे इससे यह स्पस्ट होता है कि अमीर होने के लिए उधोग लगाना सबसे उचित है ।खेर ।
मित्रो मेने आज तक के संसार के सबसे अमीर लोगो मे से केवल तीन लोग चुने है ' राजा मनसा मुसा ' बिल गेटस'और मुकेश अंबानी 'आइए इनके बारे मे जाने ।
[1] राजा मनसा मूसा _आज तक के मानव इतिहास मे दुनियॉ का सबसे अमीर आदमी राजा मनसा मूसा माली को माना जाता है । जो अफ्रीका  का था ।और टिम्बकटू का राजा था' यह सन 1300 की बात है एक वेबसाइट की रिपोट के अनुशार सन 1331 मे मनसा मूसा की मृत्यू के समय उसके पास 400 विलियन डॉलर की संपत्ती थी ।जिसकी कीमत आज के हिसाब से लगभग १०००००००००००००.एक नील के बराबर होगी ' यानी जितने कीआदमी  के सिर के बाल ' आदमी गिनते गिनते पागल हो जाए ।इतिहास के मुताबिक उस समय राजा मनसा मूसा माली के राज्य मे संसार का सबसे अधिक सोना निर्मित होता था ।
[2] बिल गेटस _आज बर्तमान समय मे अमेरिका क…

धनी बनने का 100% सफल सूत्र ।

संसार मे कुछ लोगो के जीवन का लक्ष्य केवल  अमीर बनना ही होता है । वे अपना जीवन धन कमाने के उद्देश्य से ही जीते है ।और वह हमेशा अपना धन बढाने की चाह रखते है । एसे लोगो मे से कुछ लोग  अपने जीवन मे एक नियम का पालन करते है ' जिसके पृभाव से वह  अपना आर्थिक बिकास करने मे सौ पृतिशत सफल होते है ।
वह नियम यह है 'कि यह लोग  प्रतिदिन सुवह से ही कमाने मे जुट जाते है ' और  अपने व परिवार के देनिक खर्च  से कुछ  अधिक रूपये कमाने के बाद ही यह लोग भोजन करते है ।  इससे पहले यह लोग  अपना एक पैसा भी खर्च  नही करते है ।  यह  इनका रोज का नियम होता है । यह लोग हर दिन  अपने धन की संख्या मे बढोत्री करने के बाद ही चेन लेते है ।
अब आप बताइए की एसे लोगो को आमीर बनने से कोन रोक सकता है 'इनका आमीर बनना तय है ।
उदाहरण के लिए _मेरे एक मित्र है 'वह  एक  अच्छे व्यपारी है 'उनका यही उसूल है ।और यह  उसूल  उनके दादा परदादा से चला आ रहा है । उनके पास भी खूब धन दोलत है । पर  उनके पास समय बिलकुल भी नही है । आगर  उनका बस चले तो वह रात मे भी सोने के वजह  काम करना या कमाना  पसंद करते है । धन कमाना ही जिन …

खेती को लाभ का धंधा बनाए 'उत्तम खेती ।

भारत  एक कृषी प्रधान देश है और कृषी देश की अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है ।भारत का अधिकंश जनसमुदाय गॉवो मे वास करता है ।जिनका  प्रमुख व्यवसाय कृषी है । पर भारत के गॉवो मे किसानो की आर्थिक स्थति का अवलोकन करने से पता चलता है की आज  उनकी स्थति अच्छी नही है । 75%किसान कर्ज मे डूवे है । एक जमाना  था जव काका  हथरसी ने कहा था 'उत्तम खेती  मध्यम व्यपार 'पर  आज खेती निचले स्तर पर है ।
खेती को आज भी उत्तम लाभ का धंधा वनाया जा सकता है । खेती से अधिक मुनाफा कमाने हेतू किसान को निम्न  उपाय  अपनाने चाहिए ।
[1]  सवसे पहले किसान को खेती की लागत कम करने के उपाय करने चाहिए जैसे किसान बाजार से महगे बीज खरीदकर बोने के स्थान पर  अपना स्यम का बीज तैयार करे ।बीज बनाने का प्रशिक्षण कृषी विज्ञान केंदृ से लिया जा सकता है ' यह केंदृ हर जिला स्तर पर स्थापित हैं ।जहाँ से किसान बीज बनाने की तकनीक सीख कर  अपना खुद का बीज बनाकर बोनी करे ।
[2] खाद 'ओर्वरक -खाद भी किसान स्यम वना कर खेतो मे डाले ।जिसमे  गोवर की खाद 'पत्तियो की खाद ' आदि किसान खुद बना सकते है ।इसके अलावा चूलहे की राख खाद के रू…

घर बैठे कमाए महिलाए ।

आज हमारे समाज मे व्यक्ति के उपयोग मे आने बाली वस्तूओ मे सबसे जायादा वस्तूए 'धातू और प्लास्टिक की पाई जाती है ।जैसे -इलेक्टानिक सामान 'बच्चो के खिलोने 'वाहन 'बर्तन' डिब्बे आदि जव यह वस्तुए अनउपयोगी हो जाती है ।तो घर के बच्चे य महिलाए इन टूटी -फूटी या बेकार धातू और प्लास्टिक की  चीजो को कूडे मे फेक देते है'या फिर फेरी बाले कबाडी को मिटटी के मोल बेच देते है ।
पर क्य  आपने कभी यह सोचा है । कि अनउपयोगी होने के बाद भी धातू और रवर की चीजे अब भी 50%  कीमत की होती  है । और इलेक्द्रानिक सामानो  मैं महगी धातुए  ताँबा (कापर) आदि  होता है । और कापर 1000रू  किलो के लगभग   बिकता है ।  घरेलू महिलाए घर के वेस्टेज कबाड से रूपये बनाने का काम आसानी से कर सकती हैं । और इससे वह हर माह 1000रू के लगभग हर माह कमा सकती है । छोटा ही सही इसे अपनी आय का सधन बना सकती हैं । इसके लिए महिलायो को सबसे पहले २कूडेदान के डिब्बे तैयार करना होगा' जिनमे से एक के उपर  "धातू का कचडा " और दूशरे के उपर "प्लास्टिक का कचडा "लिखकर ।  इन दोनो डिब्बो को घर के पिछवाडे या किसी कोने में …

अमीर बनने का मूल-मंत्र "एक संतान " है ।

एक समय था जव परिवार के विषय मे कहा जाता था ।हम दो हमरे दो' छोटा परिवार सुखी परिवार 'आदि ।पर मित्रो अब समय के साथ यह परिभाषाए भी बदल गई है ।हम दो हमारा एक 'की नीति ही सही है ।और  अब छोटा परिवार धन का आधार माना जाने लगा है ।वेज्ञानिक' विचारक व समज शास्त्रीयो के मुताविक  'आज छोटा परिवार भविष्य के धनी परिवार की नीव तैयार करता है ।एवं वह देश व समाज के आर्थिक विकाश मे भी सहायक शाबित होता है ।

मित्रो हम  अपने समाज मे परिवारो व व्यक्तियो को देखते है ।तो पाते है  कि वहुत कम लगभग20% व्यक्ति या परिवार ही एसे होते है'जो अपने जीवन की सबसे बडी पहली गलती नही करते' वे समय पर जगरूक रहते है ।वे अपने यहँ एक सतान होने के बाद परिवार नियोजन करा लेते है ।एव  अपना और  अपने बच्चे का जीवन सुखमय बना लेते है ।
कुछ समय पहले लंदन के वेज्ञानिको ने 14 हजार परिवारो का अध्यन किया था ।और  उस शोध रिपोट मे लंदन के वेज्ञानिको ने इस बात का दावा किया था । कि छोटा परिवार  अमीरी की राह तैयार करता है । रिपोट मे यह भी कहा गया है 'कि उदधोगिक रूप से विकशित समाज मे कम बच्चे होते है । इसका  प्रभाव य…

सूत्र _जहाँ एकता होती है'वहाँ संपत्ती होती है ।

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जहाँ सुमति तहाँ संपति नाना ।


मित्रों  महाँ कवी तुलसी की कविता की उपरोक्त  पंक्ती बिलकुल सोला आने सच है ।
क्योकि  मित्रो एकता का चमत्कार मेने खुद  अपनी आँख से देखा है ।आज से लगभग दस साल पहले मेरे गाँव मे एक गरीव परिवार रहता था  जिसमे सभी  बडे छोटे कुल वारह सदस्य  थे ।उस समय वे बहुत ही गरीब थे । धन दोलत के नाम पर  उनके पास  एक झोपडा और दो एकड जमीन मात्र  थी । पिछले महिने जब मे इस परिवार से मिला 'उनके घर गया था ।एक काम से 'वहाँ मेने उनका पक्का मकान 'कार टेक्टर 'आदी सुख सुविधा देखकर में अचरज मे पड गया । बातचीत के दोरान  उनहोने मुझे बताया की हमने छह  एकड जमीन  और खरीद ली है 'और  उनके पास  अब  आठ  एकड जमीन है ।यह सब देख सुन कर में विचार करने पर मजबूर हो गया की आखिर यह सब चमत्कार हुआ केसे ।मित्रों  एक सप्ताह मे मेने आखिर  इस रहस्य का पता लगा ही लिया ।मित्रों  इस परिवार मे एक  उसूल बना है ।जिसके पालन से यह परिवार  आज  आथृक विकास कर रहा है ।  वह  उसूल कुछ  एसा है । कि  इस परिवार के लोग रोजाना रात के भोजन के बाद' सभी व्यस्क सदस्य  एक साथ बेठते है 'और काम धंधे की बात…

मात्र 15 दिन मे 1करोड 41लाख रूपये कमाए । इस स्कीम से ।

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मित्रो अगर  आप जल्दी अमीर बनना चाहते है ।तो मे आपके लिये लाया हू 'यह दुनिया की सबसे वेस्ट स्कीम 'जिसके उफयोग से आप तेजी से पेसा कमा सकते है । बहुत कम लागत  और कम समय मे 'मित्रो मेने बहुत खोज की पर मुझे इससे  बढिया और कोई स्कीम नही मिली आज तक ।
तो मित्रो अब  आप समझने की कोशिस करे । स्कीम कुछ  इस पृकार है _आप कोई  एसा छोटा  विजनस 'उधोग 'धंधा  'मशीन ' दुकान  आदि शुरू करे । जिससे आपको हर  एक सेकिंड मे मात्र 2पैसे  का लाभ मिले  । और याद रहे यह कृम हर दिन लगातार वारह घंटे चलना चहिए । जिससे आप हर दिन 864  रुपये का लाभ पाएगे । आब  इस लाभ राशी को आप पूरी की पूरी अपने विजनस मे लगा दे 'और दूशरे दिन  अपना धंधा डवल कर दे 'जिससे आप दूशरे दिन 1728 रूपये का लाभ पाएगे ।अब  आप फिर  इस लाभ राशी को धंधे मे ही लगा दे और तीशरे दिन धंधा फिर डवल कर दे । आज  आप 3456 रू का लाभ  पाएगे । एसा आप हर रोज लगातार 15 दिन करके देखिए । मित्रो आप यकीन नही मानेगे 'इस तकनीक से आप 15वे दिन शाम को 14155776. रू.यानी  एक करोड 'इक्तालीस लाख ' पच्पन हजार 'सात  सौ छियत्तर   रूप…

सबसे कीमती वस्तुएं ।

दोस्तो  धन को ही सबकुछ या सबसे कीमती न समझे धन तो सुख पाने का साधन है । पर धन ही सबकुछ नही है ।मगर  आज की दुनिया मे हर कोई धन के पीछे भाग रहा है ।और लोग धन को ही सबसे ऊचा स्थान देते है 'आपने अक्सर लोगो के मुह से यह सुना होगा _भैया पैसा हे तो सबकुछ है ।पर  एसा नही है मित्रो  कुछ चीजे इस संसार मे धन से भी जादा कीमती है या अनमोल है ।
समय _
समय बडा अनमोल है ।क्योकि समय का एक सेकिड भी चला जाने के बाद'हम  उसे किसी भी कीमत पर बापस नही पा सकते है ।जबकि लाखो रुपये खोने के बाद भी हम  उनहे फिर कमा सकते है ।केवल  ईसी कारण समय किमती है ।
स्वास्थ शरीर _
हमे अपने शरीर के विषय मे डॉक्टर कह दे 'की आपको कोई  बडा रोग है और जलदी उपचार नही हुआ तो आप मर सकते है ।तब हम  अपना शरीर बचाने के लिए कितना भी पेसा लगाने को तैयार हो जाते है ।और कहते है 'भैया जान है तो जहान है 'जिनदा रहेगे तो पैसा तो फिर भी कमा लेगे ।
आदमी_
हमे वास्तव मे रुपयो से अधिक कीमत लोगो की करनी चाहिए ।ब्यक्ती धन से अधिक  कीमती होता है । कुछ समय पसले दुनिया के एक सबसे अमीर  आदमी ने पत्रकार से बतचीत मे कहा था 'आदमी ही म…

सॉपिंग में स्माट बने'और पैसे बचाए। {खरीददारी}

मित्रो हमारी आय का बहुत बडा हिस्सा बस्तुओ की खरीद पर व्याय होता है ।जैसे _खादय समान 'कपडे 'बतृन' वाहन 'आदि और न जाने क्या -क्या ।आज हमारी हर छोटी बडी जरूरत का सामान बाजार मे उपलब्ध है। जब हमे जिस वस्तू की जरूरत होती है 'हम  उस वस्तू को तुरंत बाजार से खरीद लाते है ।और  उसका उपयोग करने के बाद  अगले दिन  उस वस्तू को भूल जाते है ।क्योकि वह वस्तू दूसरे दिन हमारी नजर मे पुरानी हो जाती है ।
पर क्या आपने कभी यह  आकलन किया है ।कि हम जो वस्तुए खरीदते है ।उनका हम  पूर  उपयोग  भी कर पाते है 'या नही ।  क्या हमारे पैसे का सही स्तमाल हुआ या नही । यह जानने के लिज  आप एक लिस्ट बनाए । माह की एक तारीख से तीस तारीख तक हर रोज  आपके घर मे जो भी वस्तू  खरीद कर लाई जाए उसे आप  इस लिस्ट मे नोट करते जाए ।अब  एक महिने बाद  आप  इस लिस्ट को जँचे 'आप पाएगे कि उन वस्तुओ मे से लगभग 50% वस्तुए बेकार सावित हुई 'जिनका आप पूरा उपयोग नही कर पाए । आपका पैसा पानी मे गया । इस लिस्ट मे बेकार पाई पाई गई वस्तूओ मे अधिक वस्तुए वह होगी ' जो बच्चो के दुआरा या महिलाओ के दुआरा खरीदी गई थी । क्यो…

पूंजीपती बनने की कलाँ ।

ओशो के अनुशार _आप जानकर हेरान होगे की जिन लोगो के पास पैसा नही है 'वह तो बेचारा बिचार ही नही कर सकता । दुनिया मे जिनके पास सुबिधा है वे ही बिचार कर सकते है ।मेरी दृष्टी यह नही हे की  पूंजीपती कुछ बुरा आदमी है ।
या मजदूर कोई बहुत  अच्छा आदमी है । कि शोषित हो जाना कोई गुण है । और शोषक हो जाना कोई दुरगुण है'
यह  मे नही कहता हू ।
मेरा कुल मानना इतना है कि समाज की एक ब्यबस्था है 'इस ब्यबस्था मे एक  आदमी धन को इक्टठा कर लिया है ।
निस्चित ही वह ज्यादा कुशल है'  ज्यादा होशियार है । वह समाथ की सारी की सारी बेईमानी ओर सारी ब्यबस्था का पूरा   उपयोग कर रहा है ।
जो शोषित है जिसमे' वह कोई बहुत गुणबान है 'एसी बात नही है । उसको भी अगर  इतनी ही बुद्धी और  इतनी ही शोषण की कलॉ सब समझ मे आ जाए तो वह भी कल  इसकी जगह बेठ जाएगा ।
इसमे कोई आदमी -आदमी मे फरक नही है ।

Seetamni@gmail. com       
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