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जमीन मे सोने की खोज ।

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एक जमाना था जब भारत को 'सोने की चिडियॉ ' कहा जाता था ।अठारहबी सदी तक भारत मे बहूत सोना चॉदी था । इस बात की पुष्टी टी. बी.मैकॉले की सर्बे रिपोर्ट से भी होती है ' मैकॉले ने 2 जनवरी 1835  को ब्रटिस संसद मे भारत के बारे मे अपनी रिपोट मे स्यम कहा था _ मै पूरब से पश्चिम तक पूरे भारत मे घूमा पर मुझे भारत मे एक भी भिखारी या चोर  और गरीब  आदमी नही मिला ' एवं मैकॉले ने अपने भाषण मे भारतियो के पास बहुत सोना चॉदी होने के बाबत भी जिकृ किया है ।
पुराने जमानो मे भारत के अलावा और भी देशो के पास  अटुट सोना था ।उस समय मुद्वा के रूप मे सोना या सोने के सिक्को का ही चलन था ।उस जमाने के राज महाराजा और सेठ साहूकार वा मठ मंदिरो के अधिकारी आदि अमीर लोग  अपना धन सोना चॉदी जमीन मे ही गाड कर रखते थे । एसी प्रथा थी । जिनमे से कुछ लोग वह स्थान भुल जाते थे । और कुछ धन गडा होने की बात किसी को बताए बिना ही दुनियॉ से चले जाते थे । और  उनका सोना चॉदी हमेशा के लिए जमीन मे ही रह जता था । पुराने समय के खजाने भी जमीन मे ही होते थे जो भवन ढह जाने या किनही अनय कारणो से गुम जाते थे । वे जमीन मे ही है । आज भी …