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January, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

किराए पर ' खरीद की सुविधाएं ।

RENT TO CASH  किराए पर खरीद ।
किराए का इतिहास जाने तो सबसे पहले रेंट की शुरुआत इंग्लैंड में हुई थी ।इसके बाद किराए पर खरीद का चलन पूरी दुनिया मे होने लगा । यह  एक क्रय- बिक्रय- अनुबंध है । जिसे किराया या इंग्लिश मे रेंट कहा जाता है ।
किराए पर वस्तुएं खरीद के लाभ ।

गरीब आदमी भी मेहगीं सेवाओं का उपयोग किराए पर कर सकता है ।जो लोग कीमती संपत्ति खरीदने मे असमर्थ होते है 'उन्हें मकान जमीन आदि किराए पर लेना आसान हो जाता है ।किन्हीं सेवाओं ' वस्तुओं का उपयोग व्यक्ति बहुत कम समय के लिए ही करते है ।एसी स्थित मे उन वस्तुओं को किराए पर लेना ही उचित होता है ।किराए पर संपत्ति लेने का सबसे बडा फायदा यह है कि अल्प पूजी से ही काम चल  जाता है एवं नगद मुद्रा भी बची रहती है ।सबकुछ मिलता है किराए पर ।
आज भारत मे भी बहुत कुछ किराए पर मिलने लगा है । जो हमने कभी सोचा भी नहीं होगा 'जैसा कि आज भारत मे बच्चे पैदा करने के लिए भी कोख किराए पर मिलतीं है ।जिनका नौ महिने का किराया 50 हजार से एक लाख तक होता है ।विदेशी लोग भारतीय कोख किराए पर लेना जादा पसंद करते है । क्योंकि भारतीय नारीयॉ शराब सिगरेट नहीं पीती…

खुल्ले रूपये का फायदा ।

भारत में बैंक अपने ग्राहको को हजार या पॉच सौ के नोटों मे ही पेमेंट करती  है ।एवं एटीएम मशीनों पर भी सौ से कम का नोट नहीं निकलता है ।और बाजार मे भी सिक्कों का अभाव महसूस होता है ।एसी स्थित मे आज छोटे लेनदेन व खरीदारी मे खुल्ले रूपयो को लेकर बहुत झंझट होती है ।
हजार ' पॉच सौ के बंधे नोटों के कारण निम्न परेशानियॉ होती है । जैसे _

खरीददारी मे दुकानदार बाकी के छूट्टे रूपये बापस करने के स्थान पर टॉफियॉ या माचिस हाथ मे थमा देते है ।नोट छुट्टा कराने के लिए ' गैर जरूरी वस्तुए खरीदनी पडतीं है ।नोट के बदले मे फटे पुराने छूट्टे नोट लेना पडता है ।जिनमें से कुछ नोट बडी मुश्किल से चलते है । या चलते ही नहीं है ।बेकार पडे रहते है ।छोटी सेवाओं के बदले बडे नोट देने के बाद ' बाकि रूपये लेने के लिए इंतजार करना पडता है ।बंधे नोटों के कारण कभी हम बाकी के रूपये लेना ही भूल जाते है ।फुटकर रुपये न होने के कारण आटो ' रिक्शा ' टेक्सी वालों को किराए से जादा रूपये देना पडता है ।कभी कभी आटो रिक्शा बालों को खुल्ले पैसे ना होने की बजह से हजार या पॉच सौ का नोट देना पडता है ।और वे नोट लेकर रफूचक्कर हो…

स्टार्ट अप ' इंडिया स्वरोजगार ।

स्टार्ट अप
भारत मे 16 जनवरी2016 को प्रधानमंत्री द्वारा इस स्टार्ट अप ' योजना की शुरूवात की गई है ।
स्टार्ट अप क्या है ।
स्टार्ट अप की शुरुआत होती है एक  आइडिया से ' जिसमें लोगों की किसी भी समश्या के समाधान का कोई तरीका या लोगों की जरूरत की कोई सेवा 'वस्तुओं का उधम  इस योजना के अंतर्गत स्थापित करने वालों को भारत सरकार बहुत सुविधाएं दे रही है । जैसे _

10 हजार करोड़ रूपये का फंड बनाया जाएगा ।स्टार्ट अप के लिए वेब पोर्टल और मोवाइल  एप होगे ।पेटेंट फीस मे 80% की कटोती होगी ।छोटे फार्म के जरिए ई _रजिस्ट्रेशन ।35 नए इन्क्यूवेशन सेंटर होगे  ।सेल्फ सर्टीफिकेट  आधारित कंप्लायंस की व्यवस्था ।सरकारी खरीद मे खास रियायत दी जाएगी ।उधमियो को लोन की व्यवस्था रहेगी ।उधमियो को 3 साल तक  इंकम टेक्स मे छूट दी जाएगी ।
कुल मिला कर  इस योजना मे युवा उधमियो के  लिए पैर जमाने के अच्छे अवसर उपलब्ध है ।इस योजना के सफल होने पर देश मे बेरोजगारी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी ।स्टार्ट अप ' मे रोजगार की अनंत संभावनाएं है ।
लेकिन इस योजना मे नए अविशकारो के विजनस  आइडिया को आधिक प्राथमिकता दी जाएगी ।

Seetamni@gm…

फ्री सेवाओं का लाभ उठाए ।

FREE
फ्री डिश टीवी _ डीडी फ्री डिश प्रसार भारती की एक मुफ्त टेलीविजन सेवा है । जो अब पूरे भारत मे उपलब्ध है ।इस सेवा मे लगभग 70 चेनल स्थाई रूप से मुफ्त चलते है ।एवं 45 चेनल  अस्थायी है ।जो कभी कभी दिखाए जाते है ।

फ्री फोन सेवा  _ आज लगभग सभी बडे ब्रांडो ' संस्था ' बैंक ' रेलवे ' एरपोट ' होटल  आदि की टोल फ्री हेल्पलाइने है । यह फ्री नं .1800180____. से शुरू होते है । जिन पर किसी भी मोवाइल से कॉल करने का कोई शुल्क नहीं लगता है 

फ्री इंटरनेट _ अब भारती एरटेल दे रहा है ।50% फ्री नाईट डाटा पेक ' एवं फ्री इंटरनेट चलाने की कुछ ट्रिके भी है ' जिनसे सेटिंग करने पर  इंटरनेट फ्री चलाया जा सकता है ।

फ्री फेसबुक _  अब फेसबुक को फ्री करने की मुहीम भी छिडी हुई है । जिसके सफल होने की उम्मीद है ।इसके बाद फेसबुक भी फ्री अलाउड हो जाएगी ।

फ्री वाय फाई _  अब फ्री वाय फाई मिलने की भी संभावनाए दिख रही है ।एवं आने वाले समय मे वाय फाई की सेवा भी फ्री हो जाएगी ।

फ्री चिकित्सा _ भारत सरकार की बहुत सी चिकित्सा संवधी सेवाएं है ।जो नागरिको को मुफ्त मे उपलब्ध है जैसे एम्बुलेंस आदि । जिनका लाभ …

धन संपन्न परिवार बनाए ।

अधिकांश परिवारो मे यह होता है की परिवार का एक ही पुरुष सदस्य कमाता है ।और यही उस परिवार का एक मात्र आय का स्रोत होता है ।कुछ परिवारो का एक सदस्य सोलह घंटे तक काम करके कमाई करता है । फिर भी परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती है ।धन संग्रह का सवाल ही पैदा नही होता ।

आज के युग मे व्यक्ति या परिवारो की जरूरते अनंत है ।इसलिए आज एक व्यक्ति की कमाई से घर परिवार चलाना कठिन है ।जिसके लिए आज जरूरत इस बात की है ।की महिलाओं सहित घर के सभी व्यस्क सदस्य काम करें ' और कमाए ' एवं हर सदस्य के डवल  आय के स्रोत हो' यानी कि परिवार का हर सदस्य दो अलग अलग काम करके दुगना कमाए ' फिर तो कहना ही क्या ' सोने पे सुहागा ' हो जाए । और एसा करना संभव है । कुछ लोग एक दिन मे तीन काम करते देखे जाते है । जैसे _ डियूटी जाने से पहले एक घंटे पडोस के बच्चों को टयूसन पढाना ' फिर काम पर जाना ' फिर शाम को दो घंटे दुकान पर बैठना आदि । इस तरह से परिवार के सभी सदस्यो द्वारा कमाने से परिवार' दिन दूना रात चौगना '  आर्थिक विकास करता है । क्योंकि परिवार के जितने अधिक आय के स्रोत होगें परिवार उत…

घरेलू बजट के फायदे ।

बजट किसे कहते है ।
किसी भी देश' संस्था ' ब्यक्ति ' परिवार ' के धन के आय व्यय की सूची को बजट कहा जाता है ।परिवार की आय के दायरे मे संतुलित खर्च करने का सही तरीका बजट होता है ।एवं धन का सही प्रबंधन बजट होता है ।
घरेलू बजट के लाभ ।

बजट हमे अपने धन पर नियंत्रण रखने की शक्ति देता है ।बजट कर्ज मे डूबने से बचाव करता है ।परिवार की सभी जरूरते पूरी करता है ।बजट मे खर्च करने से फ्जूलखरची नही होती ।बजट बचत मे भी सहायक होता है ।बजट मे थोक वस्तुएं खरीद से समाज मे प्रतिस्ठा बढती है ।
घर परिवार का बजट बनाने का सही तरीका ।
बजट का काम घर के मुखिया दुवारा किया जाता है । इसके लिए घर मे एक " बजट डायरी" होना चहिए ।जिसमें घर के सभी सदस्य माह की पहली तारीख से तीस तारीख तक ' अपनी जरूरते एक सूची मे नोट करते जाए ' जव जिस सदस्य को जो जरूरत महसूस हो वह  उसे सूची मे नोट करे । फिर माह के अंत मे तीस तारीख को 'मुखिया इस सूची मे घर के सभी जरूरी खर्च लिखे । जैसे_ खाने पीने की खाद्यान्न का खर्च ' बिजली विल ' बच्चों की स्कूल फीस ' मोवाइल विल ' गाडी पेट्रोल खर्च ' रसोई …

अविवाहितों ने पाईं बडी सफलताए !

खजुराहो का प्राचीन मंदिर काम कलॉ कृतियों के लिए विश्व प्रशिध है इस मंदिर की दीवारों पर संभोग करते हुए स्त्री पुरषो की कृतियॉ बिभिन्न मुद्राऔ मे स्थापित है । इस मंदिर को देखने के लिए पूरी दुनिया से पर्यटक खजुराहो पहुचते है ।पर यह बात बहुत कम लोग जानते है ' की इस तरह के अशलील मंदिर का निर्माण क्यों करवाया है ' इसके पीछे पुराने राजाओं का क्या उद्देश्य रहा होगा । इसका पता लगाने के लिए एक व्यक्ति ने रिसर्च किया है । जिसमें यह परिणाम निकल कर सामने आया है कि हजारों साल पहले अधिकार जनसमुदाय बृहम्चारी जीवन की ओर जा रहा था । लोग धीरे धीरे काम क्रिया से बिमुख होते जा रहे थे ।और समाज की यह स्थित उस समय  एक चिंता का था ।इसलिये उस समय के राजाओं ने जनता को सेक्स की तरफ प्रेरित करने एवं" योन शिक्षा " देने के उद्देश्य से खजुराहो मे इस मंदिर का निर्माण करवाया था ।
पर आज समाज मे अश्लीलता की स्थित पुराने समय की अपेक्षा बिपरीत है । जिसमें प्रशार माध्यमों का दोष है । समाज मे बढता हुआ अश्लीलता का असर  आज का चिंता का विषय है ।इसलिये आज की युवा पीढी को आज  उलटा पाठ पढाने की जरूरत है ' जो …

फलते फूलते धार्मीक धंधे ।

हिन्दुस्तान मे धर्म संवंधी विजनस  अधिक सफल होते है ।धर्म की आड मे किया जाने वाला धंधा 90% सफल रहता है ।अगर हम टीवी धारावाहिको की बात करे तो रामायण' महाभारत ' या अन्य पोराणिक कथाओं पर  आधारित धारावाहिक जिनमें देवी देवताऔ की कहानी होती है । एसे शीरियल भारत मे सबसे जादा लोकप्रिय होते है ।और धर्म संवंधी धारावाहिक बनाने वाले निर्माता खूब कमाई करते है ।
हनुमान यंत्र को ही देख लीजिए ।दस बीस रूपये की धातु से बना यंत्र हजारों रूपये मे धडल्ले से बेचा जा रहा है । एक साधारण बाबा जो धर्म के सहारे आज  एक सफल उधोगपती बन गया है । पिछले महिनो सुरखियो मे रही राधा देवी को ही ले लिजिए ' एक साधारण गॉव की महिला कहॉ से कहॉ पहुँच गई थी धर्म के सहारे । इस देश मे लोग धर्म के नाम पर वोट मॉगकर जीत जाते है और राजनेता बन जाते है । एक मामूली भिखारी तक धर्म के नाम से खूब कमा लेता है । धर्म की छाप लागाकर  मिट्टी ' पत्थर भी ऊचे दाम पर बिक जाता है । कुल मिलाकर धर्म के नाम पर लुटते है लोग ' जो लूट सके वह लूटे '  भाई यह भी एक विजनस है । 
Seetamni@gmail. com
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चारोली की खेती ।

चित्र
चारोली _ चार' पयाल ' नामक पेड के पके फलों की गुठली से निकलने वाली गिरी चारोली होती है । चारोली एक कीमती मेवा है ।जिसका बाजार मूल्य 1000 रू किलो होता है । चार के पेड़ भारत के जंगलों मे प्राकृतिक रूप से पाये जाते है । जो मध्यप्रदेश के जंगलों मे सबसे अधिक पाए जाते है । पर  अब  इनकी संख्या घटती जा रही है । 
चारोली की बढती मॉग को देखते हूए ' देश मे कही-कही चारोली की खेती के प्रयास किए जा रहे है ।जो सफल हो रहे है । भविष्य मे चारोली की खेती एक लाभ के धंधे के रूप मे उभर कर प्रकाश मे आएगी ।
चरोली की खेती करने के लिए ' सबसे पहले पैधे तैयार करना होता है ।इस बिधि मे चार पेड के पके फलो की गुठलीयो को हल्की ठोकर से थोड़ी -थोडी चटकाने के उपरांत इनहे जून माह के अंत मे पहली बारिश के बाद जमीन मे दबा दिया जाता है । जो बारिश मे उग जाती है ।( यह प्रयोग किया जा चुका है जो सफल रहा ) एक साल बाद  इन पौधों को खेतों मे रोपण कर दिया जाता है ।जो पॉच -छह साल बाद  उत्पादन देने लगते है । पहले साल  उत्पादन कम होता है । पर जैसे जैसे पेड़ बढते जाते है बैसी उत्पादन मे बढोत्री होती जाती है । चार  एक बहू बर्ष…

भविष्य मे भारत की तस्वीर ।

भारत भविष्य
भविष्य  को जानना य भविष्य की बात बताया जाना 'यह कोई देविक चमत्कार नही है ।यह एक गणित है ।जिसके दुआरा बर्तमान स्थित का अवलोकन करके उसका भावी फरिणाम निकाला जाता है । लेकिन यह सवाल पुरी तरह से सही हल होना चाहिए । हजारों साल पहले विचारको ने वह घटनाएं गृंथो मे लिख दी थी 'जो आज प्रत्यक्ष समाज मे घटित हो रही है ।

मानव समाज मे किसी भी नये बदलाव का चलन पहले उच्च वर्ग मे दिखता है ।फिर मध्यम वर्ग मे 'निम्न वर्ग के लोग सबसे आखरी मे  बदलाव को अपना पाते है । जब तक वह फेशन खत्म ही हो जाता है ।

बुद्धिमान ब्यक्ति वह माना जाता है । जो अपने विचार से भविष्य मे आने वाले बदलाव की कल्पना पहले ही कर लेता है । और उसी के अनुसार योजना बना कर तैयार रहता है ' जब समाज मे वह वदलाव की स्थित आ जाती है ' तब एसे लोग समय के साथ चलने लगते है । यही बुद्धिमान लोग बदलाव का पूरा लाभ एवं लुफ्त उठाते है ।
सन 2025 तक भरत मे होने वाले संभावित बदलाव कुछ इस प्रकार हो सकते है।
(1) भारत के गॉव और शहरों के रहन सयन मे कोई अंतर नही रहेगा ।हर परिवार के पास अपना बंगला नुमा पक्का मकान होगा जो टायलेट' बिजली&#…