शनिवार, 19 नवंबर 2016

बारना वॉटर डेम ।

बारन बॉध मध्य प्रदेश के रायसेन जिला की बाडी तहसील के अंतरगत  आता है । यह डेम भोपाल जवलपुर राजमार्ग पर बाडी कस्बा के पास स्थित है ।यह बॉध बारना नदी पर दो पहाडियो के बीच बना है । इस तालाव की नीव पं नेहरू के जमाने मे डली थी । बारना डेम का निमार्ण 70 के दशक मे पूरा हो गया था पहलीबार सन 1974 मे इस डेम मे पानी रोका गया था । बारना बॉध मे बारना नदी की सहायक छोटी बडी 52 नदियो और नालो का पानी जमा होता है 'इन नदियो मे करवला ' चमरसिल ' लुडहाऊ ' आदि नदियाँ मुख्य है । इस तालाव की लंबाई लगभग40 किलो मीटर है 'चोडाई कुछ कम है ।
जिस जमीन पर  आज बारना बॉध का पनी भरा है 'उस क्षेत्रफल पर पहले घने जंगल 'खेत  और गॉव बसते थे ।डेम बनने से वह सारे गॉव  उजड गए । उजडे गॉव - आलमपुर' धूरेन 'छीलरा ' कंदेला ' चितोडा ' बरखेडा ' खी ' बामनबाड 'फुरतला ' मगवानी ' जोहरिया ' भेडा भेडी ' ककरूआ ' आरसखेडा ' पापरिया ' सोजन 'आदि थे ।उस समय सरकार ने इन गॉवो के किसानो को जमीनो का मुआउजा देकर विस्थापित कर दिया था ।पर  अब भी जिस साल बारिश कम होती है और तालाव की जमीन खाली होती है तब  उनही किसानो के बारिश  इन जमीनो को जोतते है और  इन जमीनो पर  उनही का कब्जा रहता है ।
पुराने भोपाल जवलपुर रोड का कुछ भाग सुल्तानपुर से बाडी तक पानी मे डूबा हुआ है । इन कस्बों की दूरी ता का वर्तमान मार्ग बाद मे पहाडियो को काटकर बनाया गया है ।
अज बारना डेम मे निकली हुई नहरो से  बडे भू भाग की जमीने सिंचित है ।
पर्यटन _बारना डेम पर्यटन की नजर से भी एक  अच्छा स्थान है ।इसके समीप ही चोकीगढ का एतिहासिक किला एक पहाडी पर बना है ।बारना बॉध की दीवार के उपर से चारो तरफ का नजारा मनोहारी लगता है । एक तरफ पानी की सफेद चादर सी दिखती है ती निचली तरफ दूर दूर तक मैदानी खेत  और धुंध मे डूबे गॉव कागज के बिखरे तुकडो की तरह दिखाई देते है । बारना बाध की दीवर के दोनो सिरो पर पहाडियो पर सागोन  और बॉस के हरे भरे पेड जिनके बीचो बीच लाल पत्थर की चटटाने धूप मे सुर्ख दिखाई देती है ।
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