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निराकार के चित्रकार ।

चित्र
कहा जाता है की जहाँ न पहुचे रवि वहां पहुचे कवि ' उसीतरह निराकार को भी आकार देता है चित्रकार । चित्रकार  अपनी कल्पना शक्ति से अदृश्य वस्तुओं का भी चित्र बना कर  उसे समझा देते है । उदाहरण के लिए किसी चित्रकार ने समय का चित्र वनाया है । समय  एक अदृश्य शक्ति है । पर चित्रकार ने उसे भी एक रूप दिया । इसी तरह के बहुत सारे चित्र है जैसे भारत माता का चित्र ' इंसाफ की देवी का चित्र और सभी हिंदू देवी देवताओं के चित्र चित्रकारो की कल्पना के ही रूप है ।
चित्रकार पिकासो - पिकासो के चित्रो की शैली तो सभी चित्रकारो से अलग है । पिकासो के चित्रो को देखने पर सिर चकरा जाता है । एक हाथ  उठाते हुए आदमी के चित्र मे अनेक हाथ दिखते है । वाह क्या कलाकारी है ।भारतिय  चित्रकार वासुदेव एस गायतोडे की एक पेंटिंग करीब 30 करोड रूपए मे बिकी थी ।भारत के मुख्य चित्रकारो मे -चित्रकार मोहिती ' चित्रकार राजा रवि वर्मा' चित्रकार मकबूल फिदा हुसेन 'चित्रकार शिवाजी तुपे आदि नाम है ।
अब बात कारटूनकारो की _ कारटूनिस्ट भी कमाल के जादूगर होते है । एसे एसे रूप पेस करते है जिनकी आम लोग कल्पना भी नही कर सकते '…