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March 25, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चावल का तेल स्वास्थ्य बर्धक है ।

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किसान धान पैदा करता है । और  उस धान से चावल बनवाने के लिए । धान से चावल निकालने वाले संयंत्रों (चक्की ) पर जाकर  अपनी धान के चावल बनवाता है ।और चक्की बाले को चावल बनाने के रूपये भी देता है और धान की भूसी भी फ्री मे देता है । जवकी किसान यह नही जानता की यह धान की भूसी कितनी कीमती होती है । जिसे यह चक्की बाले मेहगे दाम पर बेचतें है । क्योंकि इस चावल की भूसी से तेल निकलता है जो खाने के काम  आता है । धान के इस तेल को 'राइस ब्रान  अॉयल ' के नाम से जाना जाता है । 100 किलो धान की भूसी से लगभग 15 लीटर तक तेल निकलता है ।इसके बाद बची खली से पशु आहार बनता है । यह धान का तेल पाचक तेल के रूप मे लोकप्रिहै ।और यह तेल स्वास्थ्य बर्धक भी माना जाता है । क्योंकि इसमे कोलेस्टॉल को कम करने की ताकत होती है ।इसलिए आम खाद्य तेलो से यह तेत मेहगा होता है ।एशियाई देशों मे राइस  अॉयल खाने मे अधिक उपयोग होता है । पर  अब भारत मे भी इस तेल की मॉग बढ रही है ।चावल के तेल का बाजार हर साल बढ रहा है । खाद्य तेल बनाने वाली कंपनीया इस तेल की मॉग पूरी करने के लिए अपना उत्पादन बढा रही है । धान का तेल निकालने बाले नए…

बेरी के बेर और आय के ढेर !

फरवरी महिने मे बेर का सीजन  आते ही ही बेरी के झाडो पर पके हुए बेर लद जाते है ।और बेर के पके हुए फलो की झडी लग जाती है ।गॉव दिहात मे बेरो के झाडो के नीचे पके हुए खट्टे मीठे बेर के फल बिछे रहते है और लोग  इन फलो को अपने पैरो तले कुचलते हुए इनके  उपर से निकल जाते है पर यह लोग  इनकी कीमत नही समझते है ।अगर  इन बेरो को बच्चों से रोज बिनवा कर इकट्ठा कर लिया जाए और  इनहे धूप मे सुखालिया जाए ।और फिर अॉफ सीजन मे शहर के किसी बेरो के खरीददा को बेचा जाय तो यह बेर 20 रू किलो तक बिकते है । क्योकि अॉफ सीजन मे लोग बेरो को उवाल कर खाना बहुत पसंद करते है । एक बेर के झाड से 50 से 200 किलो तक बेर पूरे सीजन मे मिलते है ।जिस ग्रामीण जन के पास पास बेरी के दो चार झाड हो वह  एक सीजन मे बेर से 10_15 हजार रुपय सहज की कमा सकता है । और बेर  उसकी  आय का एक छोटा ही सही पर जरिया बन सकता है । तो फिर देर किस बात की करे बेर  इकट्ठे ।
अगर बेर के झाड न भी हो तो इनहे बाजार से बडे आकार के बेर खरीद कर खाए और  इनकी गुठली इकटठी रख ले और बारिश शुरू होने के बाद जुलाई मे इन बीजो को माकान के पास की खाली जगह पर जमीन मे एक  इच निचे…

भीम एप्प की पूरी जानकारी ।

भीम एप दिसंवर 2016 को जारी हुआ । तभी से हय  एप सुर्खीयो मे बना है ।और भारत मे यह  एप सबसे जादा डाऊनलोड किया जा रहा है ।और  अब भारत सरकार इसका प्रचार बडी तेजी से कर रही ।भारत मे सरकार डिजिटल मनी के लेनदेन को बढाने के लिए लोगो को भीम  एप का उपयोग करने की सलाह दे रही है ।इस  एप का नाम बाबा साहव भीम राव  अंबेडकर के नाम पर रखा गया है ।  भीम  एप  एंड्राइड मोवाइल पर काम करता है और  इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है । फ्री मे ' यह  एप हिंदी अंग्रेजी भाषा के साथ ही अन्य भरतिय भाषाओ मे भी काम करेगा । भीम  एप लगभग सभी भारतिय बैंको के लिए काम करता है ।
भीम एप को डाउनलोड करने के लिए गूगल सर्चबाक्स मे 'भीम  एप डाउनलोड 'टाइप करे और सर्चकरे आने बाले परिणामो मे से किसी भी एक पर क्लिक करे और वहाँ से यह  एप लोड करे । इसके बाद  इंसकाल करे ।फिर एप को खोले 'और मेन मेनू मे जाए ' बैंक एकाउंट स्लेक्ट करे ' अब सेट upi पिन अॉप्सन चुने 'अब  अपने atmकार्ड का छह  अंक का नं डाले समाप्ती तारीख सहित ' इसके बाद otp मिलने पर  इसे एप मे डायल करे ' अब  अपना upiपिन बनाए । …