सोमवार, 1 मई 2017

महुआ पेड़ का महत्व ।

वनवासी जन जीवन मे महुआ के पेड़ का बहुत महत्व है । महुआ इनके लिए आय का एक साधन है । मध्य भारत के जंगलो मे अधिक पाया जाने वाल महुए का पेड फागुन माह मे फूलता है । इसके पेडो से एक माह तक रोजाना महुआ के फूल झडते है । इन फूलो की मादक गंध से जंगल का बातावरण महकर मदमस्त हो जाता है । वनवासी लोग  इन महुआ के फूलो को हाथ से बीन कर  रोजाना इकटठा करते है । महुआ के पेड के नीचे रोज सुवह दो तीन तगाडी महुआ फूल मिलते है । वनवासी इन महुआ फूलो को सुखाकर बाजार मे कुंटलो से बेचते है । और  इनका उपयोग खाने मे भी करते है ।एवं इन फूलो से मदिरा भी बनाई जाती है ।
महुआ के फल_ गुलेदा ' जून माह मे पक जाते है जै खाने मे बहुत ही स्वादिष्ट होते है ।जगली लोग  और जंगली जानवर ही इनका स्वाद ले पाते है । शहर के लोगो ने तो महुआ फिल्म का गाना जरूर सुना होगा 'और महुआ का फूल भी देखा होगा पर  उनहे असली महुआ के फल का स्वाद शायद कभी नशीव नही हुआ होगा । क्योंकि यह फल बाजारो मे नही बिकते है । महुआ के फल की गुठली का भी व्यापार होता है इसे गुली कहते है इसका तेल निकलता है जो खाने के उपयोग मे आता है ।
महुआ नाम की एक पुरानी फिल्म है । महुआ पर स्थानीय भाषाओं मे लोकगीत भी बन है जो बहुत लोकप्रि है ।
एक लोकगीत के बोल कुछ इस प्रकार है _गोरी चढ गई पठार ' गोरी चढ गई पठार ' लेके गुटटू महुआ बीनने ।

सिर पर बाल उगाने की औषधि ।

सिर के बालो की सभी बिमारियो जैसे बाल झडना ' बाल सफेद होना आदि । सभी बिमारीयो का मुख्य कारण हैं  केमीकल युक्त केश तेल  और साबुन शेम्पो एवं हेयर डाई । इनका उपयोग कम करना चाहिए । साथ ही वासिंग पाउडर तो भूलकर भी बालो मे कभी नही लगाना चाहिए । बालो को तेज धूप मे कपड़ा आदि से ढककर रखना चाहिए ।
बाल  उगाने की औषधीय । 
आयुर्वेद मे बालो के सभी रोगो के निदान की दो मुख्य औषधीय है ।इनसे बढकर  और कोई औषधि नही है । पहली है नारियल का शुद्ध तेल  इसे साधारण न समझे बालो के लिए गुणकारी होने के कारण ही सबसे पहले बालो मे तेल लगाने का चलन नारियल के तेल से ही शूरू हुआ था ।
बालो की दुशरी राम वाण  औषधि है भ्रंगराज का पौधा ' इसका तेल बालो मे लगाने से बाल हमेशा काले वने रहते है ।यह पौधा बालो की औषधियों का राजा है ।
गंजापन (एलोपेसिया ) का घरेलू सफल  इलाज और दवा ।
नारियल का तेल  और भ्रंगराज का असली तेल बराबर बरावर भाग  आपस मे मिलाकर सुवह शाम  गंजे सिर पर लगाकर मालिश करने से सिर पर बाल  उग जाते है । भ्रंगराज का असली तेल न मिलने पर भ्रंगराज के पौधे के सभी  अंगो को सुखाकर  नारियल के तेल मे मिलाकर गरम करे और ठंडा होने पर  इसे कपडे से छान कर  शीशी मे भर ले और  उपयोग करे ।भ्रंगराज  और नारियल के तेल का प्रयोग  एक व्यक्ति ने अपनी वारह साल की लडकी के बालो पर किया था जिसके परिणाम मे उस लडकी के बाल काले घने और मोटे होकर छह माह मे बढकर लडकी के घुटने तक  आ गए थे । इन दोनो औषधियों से बाल बहुत तेजी से बढते है ।

रबर बलून विजनस 500₹ से शुरू ।

गु व्वा रे 🎈💃 रबर बलून से तो सभी परिचित है जिनहे फुग्गा और गुब्बारा भी कहा जाता है । हम सभी ने अपने बचपन मे जरूर गुब्बारे खेले होगे ।गुब...