मंगलवार, 12 सितंबर 2017

बीमार पर रिस्तेदारों की मार ।

हमारे समाज मे ब्यक्ति का बीमार होना किसी गुनाह से कम नही है ! क्योंकि हमारा समाज  इसकी कडी सजा देता .है ।     आइए जाने कैसे ।
जब भी कोई बीमार होता है तो सबसे पहले तो डॉक्टर उसकी बीमारी को बढा चढा कर बताता है और मरीज को वा उसके परिवार बालो को डरा कर खूब पैसा खीचता है । पहला नुकसान तो ब्यक्ति का काम पर न जाने का होता है बीमारी के कारण ' दुशरा नुकसान इलाज पर रूपए खर्च होने का होता है । तीशरा परिवार का एक सदस्य  और काम पर नही जा पाता वह मरीज की सेवा मे रहता है । चौथा नुकसान बीमार  आदमी को देखने आने बाले करते .है दोस्त यार नाते रिस्तेदार बीमार  आदमी को देखने आते है । क्योंकि पता नही फिर वह देखने को मिलेगा या नही । मरीज के घर की औरते मरीज को देखने आने वाले महमानो के चाय नास्ते मे ही लगी रहती है । भारत के दिहाती इलाको मे अगर किसी को साधारण बुखार भी आ जाता है और  इसकी भनक रिस्तेदारो को लग जाती है तो वह  उसे देखने जरूर  आते है आखिर रिस्तेदार होते किस लिए है सुख दुख मे साथ रहने के लिए ही ना । बीमार  आदमी को आराम की जरूरत होती है पर दर्शनाथियो की भीड बीमार  आदमी की तबियत  और खराब करती है ।
यहाँ तक तो ठीक ही है पर  आगर कोई आदमी लंबी बीमारी के बाद मर जाता .है  तो समझो हमारा समाज  उसके परिवार का तो दिवाला ही निकाल देता है । मृत  आत्मा की शंती के लिए पूजा पाठ बृहम्मणो को दान दक्षिणा देना । गंगा मे हड्डियों को बहाओ वहाँ पंडितों से लुटो । इसके बाद मृत्यू भोज का आयोजन करो और भी न जाने क्या क्य ठटकरम करना पडता है मरने बाले के परिवार को । अब मरने बाले आदमी का परिवार घर की जमा पूंजी तो पहले ही इलाज पर खरच कर चुका होता है । मृत्यू भोज के लिए बैक तो लोन देते नही है इसलिए साहूकार से ही कर्ज लेकर मृत्यु भोज कराया जाता है ।नाते रिस्तेदार तो मिठाईयॉ पूडी रायता खाकर मुह पोछ कर  आपने अपने घर को चले जाते है और मरने बाला भी स्वर्ग का बासी हो जाता है । पर  उसका परिवार जीते जी नरक मे पड जाता है । हाय रे रीती रिवाज समाज तुम्हारा बोझा आखिर कब तक  और कहॉ तक ढोएगा । इस डिजिटल युग मे तो तुम्हें मिट ही जाना चाहिए । आब तो पीछा छोडो ।
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रबर बलून विजनस 500₹ से शुरू ।

गु व्वा रे 🎈💃 रबर बलून से तो सभी परिचित है जिनहे फुग्गा और गुब्बारा भी कहा जाता है । हम सभी ने अपने बचपन मे जरूर गुब्बारे खेले होगे ।गुब...