संदेश

जल्दी अमीर कैसे बने ।

आप अमीर बनना चहते है तो सबसे पहले तो आप अपने मन से जल्दी अमीर बनने का विचार ही निकाल दे ' और रातों रात अमीर बनाने का प्रयास  न करें । अमीर होने के लिए धीरज रखना चाहिए । हर काम  अपने एक सही समय पर ही पूरा होता है । जैसे आपने खेत मे फसल बोया है तो वह  अपने सही समय पर ही पकेगी । कहते है न कि धीरज का फल मीठा होता है ।
अमीर तो सभी बनना चाहते है ' लेकिन कर्म और मेहनत कोई नही करना चाहता । जबकि मरे बिना स्वर्ग पाना असंभव है । कर्म किए बिना इस संसार मे इश्वर या देवता एवं कोई भी शक्ति धन नही दे सकती । इसलिये मेहनत और लगन से काम करते रहना चाहिए ।

अमीर बनाने के बुनियादी उसूल ।

हमें अपना ध्यान उन चीजों पर लगाना चाहिए  'जिन्हें हम पाना चाहते है  उन चीजों पर नही जिन्हें हम नहीं पाना चाहते ।सुबह जल्दी उठते हुए समय से पहले काम शुरू करना चाहिए ' जव दुनिया सो रही हो ।क्योंकि दाना उन्हीं पंछीऔ को मिलता है जो पहले पहुचते है ।अपनी रोजाना की कमाई का चौथा हिस्सा बचाकर ' उसे एसी जगह लगाए जहाँ से धन बढकर लौटे ' यह बिल्कुल पक्का हो ।पतंजलि आयुर्वेद LTD की सफलता का राज़ ' बाबा रामदेव के …

डिजिटल प्रोडक्ट एन्ड डिजिटल विज़नस ।

आज  इस डिजिटल युग मे जहाँ हर काम अॉनलाइन हो रहे है । तब फिर डिजिटल विज़नस करना ही आज  सबसे अच्छा होगा । डिजिटल का अर्थ है की न कोई सीमा और न कोई बंधन दुनिया के किसी भी कोने मे बैठा ग्राहक डिजिटल उत्पाद को एक सेकंड मे खरीद कर  अॉनलाइन पेमेंट भी कर सकता है ।
डिजिटल प्रोडक्ट ।
सबसे वेस्ट प्रोडक्ट डिजिटल प्रोडक्ट ही है । इन उत्पादों की सबसे बडी खूबी यह है कि इन्हे एक बार बनाने के बाद  असंख्य लोगों को बेंचा जा सकता    है और फिर भी यह  उत्पाद हजारों साल तक खत्म नहीं होते । एवं व्यवस्थापक की अनुमति के बिना कोई इन्हें नुकसान पहुंचा सकता है और ना चुरा सकता है । इन मे सडने गलने या जंग लगने का भी खतरा नही होता । डिजिटल उत्पादों का एक  और बडा फायदा यह है की इन्हे कंप्यूटर की मदद से सॉफ्टवेयर दुवारा कंट्रोल करके ग्राहक के पास उत्पाद होने पर भी इसमें बदलाव किया जा सकता है ।
बहुत से एसे डिजिटल उत्पाद है जिन्हें कोई भी कंप्यूटर की जानकारी रखने बाला आदमी आसानी से बना सकता है । जैसे_ फोटो ' आडियो ' विडियो ' गेम ' एप्स ' वेबसाइट ' ई_बुक आदि ।
डिजिटल विज़नस 
डिजिटल सामान या सेवाओं का व…

योगिक खेती से धरती उगलेगी सोना ।

🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌿🌾🌽🌽यह बात तो प्रमाणित है कि पेड पौधे सजीव होते है । माना की पौधों मे मनुष्य जितनी प्रकट  आत्म नही होती फिर भी पौधे संवेदनशील होते है । इसका जीता जागता उदाहरण लाजवंती का पौधा है  जो हाथ लगाने पर डर कर  अपनी पत्तियों को सिकोड लेता है ।
भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने बीसवीं सदी के आरंभ मे पेड पौधों की संवेदनशीलता को प्रमाणित किया था । जगदीश चंद्र बसु के अनुसार पैड पौधे सुख ' दुख 'दर्द 'डर ' खुशी आदि संवेदनाओ को मानव एवं पशुओं जितना ही महसूस करते है । इस सत्य को भारत के रिशि मुनियों ने दुआपुर युग मे ही जान लिया था । तभी से पेड़ पौधों सम्मान देने के लिए । पेड़ पौधों की पूजा अर्चना की प्रथा का आरंभ हुआ जो आज भी बरकरार है । आज भी तुलसी बट पीपल आदि पेड़ पौधों की पूजा होती है ।
योगिक खेती क्या है ?
शाश्रवत योगिक खेती की इस नई पद्धति की खोज 'प्रजापिता बृहम्कुमारी ईश्वरीय विश्व विधालय संस्था ने की है ।
बिधि_बीजों को बोने से पहले एक कमरे मे रखकर किसान को वहाँ बैठकर  ध्यान लगना होता है ' एवं ध्यान के माध्यम …

नौकरों से काम लेने का तरीका ।

नौकर घरेलू हो या अॉफिस कार्यालय मे काम करने बाले सरकारी नौकर  इनसे अच्छा काम कराने के लिए मालिक को इनसे मधुर संबंध रखना चाहिए ।एवं प्यार भरा व्वहार करना चाहिए ।और हमेश खुश रखना चाहिए ।नौकर से कोई गलती अथवा नुक्सान होने पर भी कटू बचन बोलने की जगह प्यार से समझाना ही उचित है । क्योंकि आखिर यह लोग भी तो हमारी ही तरह  इंसान है और गलतियां इंसान से ही होती है ।

नौकर जब तक कम को अपना समझकर नही करेगा तब तक काम बेहतर नही हो सकता है ।इसलिये नौकरौ को अपने पन का एहसास देना जरूरी है ।नौकर को डरा धमाका कर काम कराने का तरीका हानिकारक हो सकता है ।एसा करने से नौकर मालिक के खिलाफ हो सकता है और  उसके दिमाग मे टेंशन पैदा होता है जिससे रचनात्मक काम करने की छमता कम होती है । फिर वह समय पास करने या केबल रोज कमाने के लिए ही काम करता है। यानी आय जाए मालिक का पेमेंट से काम ।      💃💁
बही दुशरी तरफ नौकर पर  आँख बंद करके यकीन भी नही करना चाहिए ।आखिर नौकर तो नौकर ही होता है । क्या पता कब लालच मे आकर गडबड कर दे ।मीडिया मे एसी अपराधी घटनाएं देखने सुन्ने मे आती है जिनमें घर के नौकर का ही काम होता है ।आब  आप सोचते होग…

धन की तीन गतियाँ ।

~~~~मानव की पृबृति सुख की है ।धन सुख का ही रूप है ।धन स्वामी का सच्चा सेवक है ।इसलिये संसार मे प्राय: सभी धन चाहते है । और जीवन भर धन संगृह करते रहते है । एसे लोग जीवन जीते नही है अपितु जीने की तैयारी ही करते रहते है ।इनके विचार या सपने कुछ  एसे होते है कि अभी क्या जीना ' जब तक सभी कलो का इंतजाम पूरा न हो जाए । फिर सुख चेन से जीवन जिएगें ।यह पूर्णिमा का सपना सजोए रहते है जो कभी किसी का पूरा नही हुआ ।सिकंदर का भी नही । तो फिर हम  आप की औकात ही क्या है ।
धन बुरा नही है ' धन से अच्छा इस दुनिया मे कुछ भी नहीं है । जो कथा कथित लोग  धन को छोडने या दान करने की सलाह देते है ।और भोले भाले लोगो को गुमराह करके सुदामा और हरीशचंदृ बनाने को कहते है । वे खुद धन के लोभी होते है ।
दौलत कमाना अच्छी बात है ।आखिर आदमी जीवन मे धन नही कमाएगा तो और करेगा भी क्या? जीवन का कुछ न कुछ मकसद तो होना ही चाहिए ।पर हर काम की एक सीमा होती है ।एवं अति हर चीज़ की बुरी होती है । व्यक्ति यह भूल जाता है । धन तो समुद्र के खारे पानी को पीने जैसा है ' जितना पियो उतनी ही जादा प्यास बढती है ।
धन की अधिकता होने पर धन क…

करोडपति भिखारी !

यह एक एसे भिखारी का किस्सा है ' जिसके पास करोड़ों की धन संपत्ति होते हुए भी वह भीख मॉगता है । इस भिखारी के पास  अपना खुद का एक  अलीशान होटल भी है 'जिसका यह मेनेजर भी है । पर  इस  आदमी का भीख मॉगने का उसूल है । वह प्रतिदिन सुबह एक बार किसी न किसी व्यक्ति से भीख जरूर मागता है ।उसकी इस हरकत से होटल के सभी कर्मचारी नफरत करते है । और कहते है कि सर  आप  इस होटल के मेनेजर है ' और  आपको भीख मॉगने मे शर्म नही आती " यह सुनकर मेनेजर मुस्कुराते हुये कहता है _ की वह  एक जमाने मे भिखारी ही था ' और वह  अपने उस दिन को भूलना नही चाहता ' एवं उसे हमेशा धन की अहमियत का अहसास रहे । इसलिए वह दिन एक बार भीख जरूर मॉगता है । उसका कहना है की मे आज जो कुछ भी हू ' अपने इसी उसूल की वजह से हू ।
अब जब भिखारीयो की बात चल ही रही है तो एक  और लखपति भिखारी का वाकया सुनो _ पुरानी बात है किसी मंदिर के दरवाजे पर बैठकर  एक भिखारी भीख मगता था । जब वह भिखारी मरा तो लोगों ने उसका संस्कार कर दिया । और  उसके सामान को एक बॉस मे लटका कर फेकने के लिए ले जाने लगे ' तभी उस सामना मे से कुछ सिक्के गिरे…

बिजनेस जमीन का सदा लाभदायक ।

समय के साथ ही बढता है 'धरती का मोल !
संसार की सभी वस्तुओं मे ' जमीन एक  एसी अचल संपत्ति है । जिसका भाव हमेशा बढता ही रहता है । क्योंकि जमीन का क्षेत्रफल स्थायी है ' जिसे माग के अनुसार बढाया नहीं जा सकता है ।जनसंख्या की लगातार वृद्धि होने के साथ ही उपयोग के लिए जमीन कम पडना सोभाविक है । और जिसके कारण जमीन की माग हमेशा बरकरार रहती है । चाहे आवास  के लिए हो या खेती के लिए या फिर कारखाने लगाने के लिए जमीन की माग हो । और भूमि का मूल्य हमेशा बढता ही रहता है ।
जमीन के कारोबार मे हमेशा लाभ !
जमीन के गणित को समझने वाले व्यापारी जमीनो के व्यापार मे हमेशा ही खूब मुनाफा कमाते है । एसे व्यापारी नगरों या महानगरों से कुछ दूरी पर बंजर जमीने सस्ते रेट पर खरीदते है । एवं कुछ साल बाद जमीन का भाव बढने पर यह लोग  जमीन को आवास के लिए तुकडो मे बेचते है । लेकिन  जमीन खरीदने से पहले यह लोग उस नगर की जनसंख्या वृद्धि आदि के अॉकडो से यह  अॉकलन कर लेते है कि कितने साल मे शहर इस जमीन की दूरी तय कर लेगा और  उस समय  इस जमीन का अनुमति भाव क्या होगा । यानी की मनी चौगनी होगी की आठ गुनी । 
जमीन के दलाल मालामाल …